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आरती
जय अम्बे गौरी
माँ अम्बे की आरती — नवरात्रि की संध्या का स्वर।
नवरात्रि की संध्या आरती, या जब शक्ति का आह्वान करना हो।
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जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥
गौरी अम्बा की जय। हरि, ब्रह्मा और शिव निशिदिन ध्यान करते हैं।
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