Stuti
आरती, भजन और पद
प्रार्थना और संगीत को अलग-अलग खोजने की आवश्यकता नहीं। Stuti में आरती, भजन, पद और श्रीहित चौरासी एक ही शांत collection में उपलब्ध हैं।

श्रीहित चौरासी
श्री राधा
श्रीहित हरिवंश महाप्रभु की 84 पदों वाली ब्रजभाषा पदावली — मंगलाचरण, राग-सूचना और पढ़ने की प्रगति के साथ।
Readॐ जय जगदीश हरे
विष्णु
सत्यनारायण की आरती — हर घर की संध्या।
Readॐ जय लक्ष्मी माता
लक्ष्मी
माँ लक्ष्मी की आरती — दीपावली की रात का प्रकाश।
Readॐ जय शिव ओंकारा
शिव
शिवजी की सबसे प्रिय आरती — ओंकार रूप का स्मरण।
Readअच्युतम केशवं
कृष्ण
अच्युत-केशव का नाम-स्मरण — सरल, मधुर, हर कंठ का भजन।
Readआरती कीजै हनुमान लला की
हनुमान
संकटमोचन की आरती — मंगलवार की संध्या।
Readआरती कुञ्जबिहारी की
कृष्ण
वृन्दावन बिहारी की मधुर आरती।
Readजय अम्बे गौरी
दुर्गा
माँ अम्बे की आरती — नवरात्रि की संध्या का स्वर।
Readजय गणेश देवा
गणेश
हर शुभ कार्य से पहले गाई जाने वाली गणेश आरती।
Readजय सरस्वती माता
सरस्वती
विद्या की देवी की आरती — वसंत पंचमी का स्वर।
Readतुम पूरण परमात्मा
विष्णु
जगदीश आरती का भजन-रूप — संध्या का सामूहिक स्वर।
Readथुमकि चलत रामचंद्र
राम
बाल राम की चाल — घर में बच्चों संग गाने योग्य।
Readपायो जी मैंने राम रतन धन पायो
राम
मीराबाई का पद — राम-नाम ही असली धन।
Readरघुपति राघव राजाराम
राम
नाम-राम्य भजन — गांधी जी के आश्रम से घर-घर तक।
Readवैष्णव जन तो
विष्णु
नरसिंह मेहता का पद — भक्त की पहचान पीड़ा हरने में है।
Readश्री रामचन्द्र कृपालु
राम
गोस्वामी तुलसीदास का स्तुति-पद, आरती के रूप में गाया जाता है।
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